वर्ष (Vol.)- 13 अंक (Issue) - 3
अनुक्रम
गांधीजी का जंतर
अत्त दीपो भव की वैश्विक उपादेयता
ओमप्रकाश बौद्ध … 05–12
हड़प्पा, कुषाण, पल्लव और चोल काल में अन्य देशों के साथ भारत का संबंध
सन्तोष कुमार सिंह … 13–15
भारतीय सामासिक संस्कृति और ‘इन्दुमती’
अमित सोरेंग … 16–20
दलित बचपन की त्रासदी : ‘मेरा बचपन मेरे कन्धों पर’
प्रियंका सिंह … 21–24
लोक नाट्य बिदेसिया और भिखारी ठाकुर
विपिन कुमार गौड़ … 25–31
भारतीय भाषाओं में राम काव्य परंपरा
डॉ. रमा विनोद सिंह … 32–39
वीरेन डंगवाल का रचनात्मक अवदान
अजय पाण्डेय … 40–47
फ़ीजी हिंदी लेखक ‘सुब्रमनी’ के कथा-साहित्य में गिरमिटिया जीवन
सारिका जगताप … 48–53
आदिवासी संस्कृति के मूल केन्द्र ‘घोटुल’ बनाम ‘बंगला’ संस्कृति
डॉ. आशीष पाण्डेय, मंजू कँवर … 54–59
त्रिलोचन की कविता में भूमंडलीकरण का परिप्रेक्ष्य
डॉ. सुरेन्द्र प्रताप सिंह यादव, सुनील यादव … 60–63
मुक्तक काव्य में नारी
डॉ. ओम प्रकाश दास … 64–68
गोविन्द मिश्र की कहानियों में सामाजिक दृष्टिकोण
डॉ. मंजुलाल, प्रिया एक्का … 69–72
‘दीक्षांत’ उपन्यास में व्यक्त शिक्षा क्षेत्र की वास्तविकता
डॉ. कैप्टन बाबासाहेब माने … 73–80
कल्याण आश्रम के श्रद्धाजागरण आयाम का जनजातीय सांस्कृतिक विकास में योगदान
दुर्गेश्वर मधुकर साठवणे … 81–88
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व : एक समालोचनात्मक अध्ययन
लक्की पाराशर, डॉ. अजय कुमार सिंह … 89–95
Development Induced Displacement: A Case Study of Tribal Issues in Achanakmar Tiger Reserve
Suman Lakra … 96–109
गांधी विचारों के गुमनाम साधक : वालजी गोविंद देसाई
डॉ. प्रिंस कुमार सिंह … 110–114
पहाड़ी स्त्री के संघर्ष का आईना हैं विद्यासागर नौटियाल की कहानियाँ
संतोष कुमार … 115–121
निराला के काव्य में स्वाधीनता का स्वर
डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी… 122–130
Notes for Authors… 131