वर्ष (Vol.)- 13 अंक (Issue) - 2
अनुक्रम
खंड अ
संगोष्ठी के बारे में – डॉ. महादेवी कणवी …… 01–02
About the Seminar: Contemporary Indian Literature: The Need of the Hour – Dr. Smt. Sandhya Kulkarni …… 03–04
समकालीन हिंदी पत्रकारिता की चुनौतियाँ एवं भाषा का महत्व
मनीषा यादव, डॉ. एच. ए. हुनगुंद …… 09–19
समकालीन हिन्दी नाटक ‘अन्धा युग’ में आधुनिक युगबोध
डॉ. जावेद साब मनियार …… 20–23
समकालीन हिन्दी उपन्यासों में स्त्री विमर्श
डॉ. सुलोचना एस. सुखसारे …… 24–26
‘नई सभ्यता नये नमुने’ नाटक में समकालीन बोध
प्रमोद शिंगे …… 27–29
राजेन्द्र यादव का उपन्यास सारा आकाश में स्त्री संवेदना
डॉ. शबाना मनियार …… 30–33
धरती आबा: आदिवासियों की संघर्ष गाथा
श्री सुनील बी. टेट …… 34–35
‘काली बर्फ़’ नाटक का विवेचन
डॉ. सुजाता एन. मगदुम …… 36–38
Reflection of Women's Oppression in Arundhati Roy’s The God of Small Things
Dr. Swapna K. Jadhav …… 39–46
Influence of Cultural and Social Issues in Contemporary Indian English Literature
Prof. Smt. Nayana S. …… 47–51
Women Literature Beyond the Canon with Special Reference…
Dr. Manjula P. Kanavi …… 52–56
हिंदी भाषा एवं साहित्य के तुलनात्मक अध्ययन की अवधारणा
डॉ. एच. ए. हुनगुंद …… 57–59
भाषा और समाज का अंतःसंबंध
डॉ. आम्रपाल शेन्द्रे …… 60–62
गिरीश कार्नाड के ‘हयवदन’ में चित्रित आधुनिकता का बोध
डॉ. नीलांबिके पाटिल …… 63–65
नरेंद्र कोहली के महासमर उपन्यास में बेरोज़गारी समस्या
प्रो. विट्टलगौडा खानगौडर …… 66–67
शरणकुमार लिंबाले की अक्करमाशी में यातना की यात्रा
डॉ. महांतेश राअंची …… 68–69
समकालीन हिंदी कविताओं में संवेदना और सामाजिक सरोकार
पंकज कुमार टेंभरे …… 70–78
समकालीन हिंदी साहित्य में ‘आधुनिक राम’
श्रीमती शिल्पा टी. …… 79–84
ಬಸವರಾಜ ಕಟ್ಟಿಮನಿ: ಹೋರಾಟದ ನೆಲೆಯಾಗಿ ‘ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯದೆಡೆಗೆ’ ಕಾದಂಬರಿ
ಡಾ. ಸಿ. ಎಂ. ತಳವಾರ …… 85–87
ಮನುಜ ಮತಕ್ಕೆ ಯೋಗ ಪಥ – ವಿಶ್ವಶಾಂತಿಗೆ ಪ್ರೇರಕ
Dr. Jyoti Gokavi …… 88–94
ಸರ್ವಶಾಸ್ತಸಾರ ಭಗವದ್ಗೀತೆ
Dr. Prakash N. Hegde …… 95–102
सुशीला टाकभौरे के उपन्यास तुम्हें बदलना ही होगा में अभिव्यक्त सामाजिक संदर्भ
रेखा यादव …… 103–112
कश्मीरी प्रबंध साहित्य और डॉ. मिर्ज़ा मोहम्मद ज़मान आज़ुर्दा
डॉ. महादेवी पी. कणवी …… 113–114
तुलसीराम की मुर्दहिया में चित्रित दलित समाज की पृष्ठभूमि
नागेन्द्र कुमार गौतम …… 115–121
कन्नड़ भाषा के लेखक गिरीश कर्नाड
श्रीमती रश्मिनी नरेंद्र …… 122–123
समकालीन हिन्दी तथा कन्नड़ साहित्यकार ‘धरणेंद्र कुरकुरी’ : एक तुलनात्मक अध्ययन
डॉ. अनीता मोहन बेलगांवकर …… 124–128
खंड ब
समकालीन लेखिकाओं के उपन्यासों में नारी चेतना
डॉ. कविता चांदगुडे …… 131–135
समकालीन हिन्दी कहानियों में तृतीय लिंगी उद्गार
पुरोबी अविनाश …… 136–141
समकालीन गद्य साहित्य
श्री एफ. भी. नाय्कर …… 142–143
‘ग़ालिब छुटी शराब’ संस्मरण में जीवन-दर्शन
डॉ. शीला भास्कर …… 144–146
हिंदी साहित्य में आत्मकथा साहित्य
डॉ. ई. नागरत्ना …… 147–150
समकालीन हिंदी कहानी एवं उसकी समकालीनता
डॉ. व्हि. आई. शेख …… 151–155
‘21वीं सदी का पेड़’ कहानी में वर्तमान समस्या
श्रीमती वहीदा खानम दाऊदजी …… 156–158
‘तीसरी ताली’ उपन्यास में चित्रित हिजड़ा जीवन
डॉ. रमीष एन. …… 159–164
कृष्णा सोबती जी के उपन्यासों में चित्रित नारी जीवन
संतोषमाता रामवाडगी …… 165–168
सूर्यबाला का उपन्यास ‘दीक्षांत’ : चित्रित मध्यवर्गीय जीवन
राजबीबानु एम. सन्दिमनी …… 169–173
ಕನ್ನಡದಲ್ಲಿ ಗಜಲ್ ಸಾಹಿತ್ಯ
ಡಾ. ಗೀತಾಂಜಲಿ ಎಂ. ಕುರುಡಗಿ …… 174–178
ಪರಿತ್ಯಕ್ತಿಯ ‘ಆಸರೆ’ಯ ಸ್ಪಂದನ
ಡಾ. ಸವಿತಾ ಕೊಟಬಾಗಿ …… 179–181
ಪ್ರವಾಸ ಕಥನ ‘ಅಯನ ಮತ್ತು ಜಗಲಿ’ಯಿಂದ ಜಗತ್ತು
ಕು. ಸೋಮಣ್ಣ ಗು. ಡಂಬರಮತ್ತೂರು …… 182–186
Indian’s Contribution to Contemporary English Literature
Prajwal A. Kandagal Hiremath …… 187–197
A Study of the Hindu Rites of Passage and Analysis of Their Relation to the Rituals: Tesu–Jhenjhi
Rakhi Chauhan, Dr. Govindaraju Bharadwaza …… 198–208
‘घाशीराम कोतवाल’ का हिंदी अनुवाद : अनुवादक की क्षमताएँ और भाषाशैली
डॉ. सिद्धेश्वर वि. गायकवाड …… 209–215
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की भारत यात्रा : एक अवलोकन
सन्तोष कुमार सिंह, प्रो. सुधीर कुमार सिंह …… 216–218
Notes for Authors