वर्ष (Vol.)- 14 अंक (Issue) - 5
अनुक्रम
संपादकीय
ब्रिटिश प्रशासन पर उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों के विद्रोह का प्रभाव : 1857 का विश्लेषण
रचित कुमार, डॉ. ब्रजनंदन चौधरी – पृ. 01–08
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में डिजिटल नवाचार विकसित भारत @2047
Dr. Narendrakumar Pal, Anuj Kumar – पृ. 09–15
भारतीय साहित्य, संस्कृति और संगीत : एक अंतर संबंधित परिप्रेक्ष्य
प्रो. निशा कुमारी – पृ. 16–21
समाज, संस्कृति तथा परम्परा में काशी का अवदान : 19वीं शताब्दी के सन्दर्भ में
डॉ. विनोद कुमार – पृ. 22–30
भीष्म साहनी के उपन्यासों में यथार्थवाद, मानवीयता और सामाजिक चेतना : एक आलोचनात्मक अध्ययन
नीरज कुमार – पृ. 31–34
दलित महिलाओं की सामाजिक स्थिति और जनसंचार
नन्द लाल पासवान – पृ. 35–39
अज्ञेय के उपन्यासों का समकालीन यथार्थ
गुड़िया कुमारी – पृ. 40–43
झारखंड का आदिवासी कथा साहित्य : एक विश्लेषण
एलिजाबेथ मरांडी – पृ. 44–47
मुगलकालीन शिक्षा पद्धति : एक अध्ययन
डॉ. प्रियंका भारती – पृ. 48–54
मुगलकालीन भारत में वस्त्र निर्माण की प्रक्रियाएं : एक अध्ययन
डॉ. अंकिता सिंह – पृ. 55–59
संघर्ष, संवैधानिक चेतना और स्त्री अस्मिता
मीना कुमारी रजक – पृ. 60–63
मानव मस्तिष्क एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) : चुनौतियां एवं समीक्षा
डॉ. विजय नारायण तिवारी – पृ. 64–71
नागार्जुन के प्रतिनिधि उपन्यासों की पात्र योजना
फरहत नवी – पृ. 72–77
शौर्य और संचार का जीवंत दस्तावेज : बुंदेली लोक गाथाएं
गौरव चौहान – पृ. 78–83
अरुंधति रॉय के उपन्यासों में अस्मिता विमर्श
साक्षी कुमारी – पृ. 84–88
परिवार : शिक्षा का सक्रिय व अनौपचारिक साधन
डॉ. रवेन्द्र राजपूत – पृ. 89–94
हिंदी रंगमंच को शंकरशेष का योगदान
डॉ. शामली एम. एम. – पृ. 95–99
जनजातीय समाज के शैक्षिक विकास में सामाजिक समर्थन की भूमिका एवं चुनौतियां : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Rukmini Singh, Anup Kumar Singh, Dr. Ratnartuh Mishra – पृ. 100–107
Possibilities of Co-Existence: Gender Justice and Religious Family Laws
Dr. Jyoti Bharti – पृ. 108–120
स्वामी सहजानन्द सरस्वती का व्यक्तित्व और भारतीय राजनीति में उसका प्रभाव : एक विश्लेषण
सत्यनारायण सिंह – पृ. 121–136
From Mobilization to Micro-Targeting: A Decade of Social Media Transformation in Indian Political Campaigns (2014–24)
Akshat Sharma, Dr. Amita – पृ. 137–153
Between Vulnerability and Resilience: Photojournalism in Transition in Uttar Pradesh, India
Nitin Bhardwaj, Dr. Bala Lakhendra – पृ. 154–166
Skipping of Breakfast and its Consequences to School Going Children: An Observational and Descriptive Study
Deepa Sharma – पृ. 167–175
समकालीन राजनीतिक परिदृश्य में सुशील कुमार सिंह के नाटकों का आविर्भाव
मुकेश कुमार – पृ. 176–179
वैदिक काल की विदुषी स्त्रियाँ
डॉ. निमिषा त्रिपाठी – पृ. 180–186